बादल की कोई चादर नहीं
उसमें एक भरा पूरा
चाँद चमक रहा है
नीचे एक झील है
बिल्कुल शांत
उसमे कोई तरंग नहीं
एक आइने की तरह ही उसमें
पूरा चाँद चमक रहा है
नींद से अब जाग तू कर्म से मत भाग तू मन में अब ठान तू चुनेगा उत्थान तू जीवन तो बहता जाए कौन इसे बाँध पाए जी ले यहाँ इसी पल तू कहाँ ये वा...
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