तुम मुझे मिली

तुम मुझे मिली, मुझको ज़िन्दगी मिली
दूर ग़म हुए, हर ख़ुशी मिली
बादलों से चाँदनी खिली
बेनूर आँखों को रौशनी मिली

जो भी मिला वो हँस के मिला
हर शै से मेरी दोस्ती हुई
मैं और ही कहीं का हो के रह गया
तुम भी कहीं और ही चली

तू मुझमें गुम हुई, मैं तुझमे गम हुआ
चैन भी गया, होश भी गुम हुआ
मेरी धड़कनों में तुम खो गई
तेरी साँसों में मैं गुम हुआ

ख़ुदा से तुझे मैंने माँगा है
ज़िन्दगी मेरी गुलज़ार हो गई
बागों में फूल खिल गए
फ़िजा भी खुशगवार हो गई

हाथों में तेरा हाथ अब लिए
राहों में साथ साथ चल दिए
तेरी हिम्मत से हौसला मिला
शूल भी राह के फूल बन गए


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