क्या करे कोई  ख़्वाब कोई ऐसे दिल में पले
ज़मीं करे ख्वाहिश कि वो आसमां से मिले 

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हमसे छूट गया जो उस डगर की याद आती है

हमसे छूट गया जो उस डगर की याद आती है पूरा हो न सका जो उस सफ़र की याद आती है दिन ढलते ही दिल में जब मायूसी छा जाती है भूली हुई हर तस्वीर खुद-...