संभावना

संभावना थी उसकी कुछ और होने की  

वह मगर कुछ और ही हुए जा रहा है 

आरज़ू थी उसकी कुछ और ही जीने की 

वह मगर कुछ और ही जिए जा रहा है 


# एक गुलाब की कली जिसकी संभावना गुलाब होने की थी पर उसकी तमन्ना कि वह कमल हो जाए। कमल तो वो हो न सकी क्योंकि कमल वो हो सकती न थी, गुलाब भी न हो पाई। 

No comments:

हमसे छूट गया जो उस डगर की याद आती है

हमसे छूट गया जो उस डगर की याद आती है पूरा हो न सका जो उस सफ़र की याद आती है दिन ढलते ही दिल में जब मायूसी छा जाती है भूली हुई हर तस्वीर खुद-...