होटल की खिड़की से झांकता हूँ
नीचे एक स्विमिंग पूल है
सुबह-सुबह ढेर सारे कबूतर
उसके गिर्द जमाबंद बैठ जाते हैं
फिर कोई एक इधर से उधर उड़कर जाता है
तो कोई उधर से इधर
सब पूल के चारो तरफ ही उड़ते हैं
पर कुछ पल से ज्यादा एक जगह पर नहीं बैठता कोई
लगता है मिलकर म्यूजिकल चेयर खेलते हैं
कायनात में जो एक धुन बजती रहती है
उसी संगीत पर खेलते होंगे
पर सोचता हूँ उसे ऑन-ऑफ कौन करता होगा !

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