आज फिर
वक्त ले आया है उन्ही हवाओं को
दिल के आसमां में
फिर जज़्बातों के बादल उमडेंगे
बारिश होगी फिर रात भर
आंखों से ......
वक्त ले आया है उन्ही हवाओं को
दिल के आसमां में
फिर जज़्बातों के बादल उमडेंगे
बारिश होगी फिर रात भर
आंखों से ......
हमसे छूट गया जो उस डगर की याद आती है पूरा हो न सका जो उस सफ़र की याद आती है दिन ढलते ही दिल में जब मायूसी छा जाती है भूली हुई हर तस्वीर खुद-...
6 comments:
क्या बात है!!!!
बहुत ख़ूब!
बहुत ख़ूब
bahut bindaas
फ़िक्र-ए-दुनिया में सर खपायेंगे तो ऐसी ही बारिशें होंगी...
www.nayikalam.blogspot.com
Fikr-e-Dunia me befikri se ghoom rha hoon aaj...har aur...har taraf...sanjeevini hai yahan.
dhanyawad
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